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Monday, 21 May 2018

Typing Dictation No. :- 5 (40 WPM)




किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्‍थान को क्षति करना या अपवित्र करना – जो कोई किसी उपासना स्‍थान को या व्‍यक्तियों के किसी वर्ग द्वारा पवित्र मानी गई किसी वस्‍तु को नष्‍ट, नुकसानग्रस्‍त या अपवित्र इस आशय से करेगा कि किसी वर्ग के धर्म का तद्द्वारा अपमान किया जाए या यह सम्‍भाव्‍य जानते हुए करेगा कि व्‍यक्तियों का कोई वर्ग नाश, नुकसान या अपवित्र किए जाने को वह अपने धर्म के प्रति अपमान समझेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा । 

विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्‍वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किए गए हों – जो कोई भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्‍वासों का अपमान उच्‍चारित या लिखित शब्‍दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्‍यरूपणों द्वारा या अन्‍यथा करेगा या करने का प्रयत्‍न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अ‍वधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा । 

धार्मिक जमाव में विघ्‍न करना – जो कोई धार्मिक उपासना या धार्मिक संस्‍कारों में वैध रूप से लगे हुए किसी जमाव में स्‍वचेछया विघ्‍न कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों में से, दण्डित किया जाएगा । 

कब्रिस्‍तानों आदि में अतिचार करना – जो कोई किसी उपासना स्‍थान में, या किसी कब्रिस्‍तान पर या अन्‍त्‍येष्टि क्रियाओं के लिए या मृतकों अवशेषों के लिए निक्षेप स्‍थान के रूप में पृथक रखे गए किसी स्‍थान में अतिचार या किसी मानव शव की अवेहलना या अन्‍त्‍येष्टि संस्‍कारों के लिए एकत्रित किन्‍हीं व्‍यक्तियों को विघ्‍न कारित, इस आशय से करेगा कि किसी व्‍यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाए या किसी व्‍यक्ति के धर्म का अपमान करे, या यह सम्‍भाव्‍य जानते हुए करेगा कि तद्द्वारा किसी व्‍यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, या किसी व्‍यक्ति के धर्म का अपमान होगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा । 

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से शब्‍द उच्‍चारित करना आदि – जो कोई किसी व्‍यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से कोई शब्‍द उच्‍चारित करेगा या कोई ध्‍वनि करेगा उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा ।

(Word Count - 422)

Thursday, 26 April 2018

Typing Dictation No. :- 4 (40WPM)




मानहानि – जो कोई या तो बोले गए या पढ़े जाने के लिए आशयित शबदों द्वारा या संकेतों द्वारा, या दृष्‍य रूपणों द्वारा किसी व्‍यक्ति के बारे में कोई लांछन इस आशय से लगाता या प्रकाशित कर्ता है कि ऐसे लांछन से ऐसे व्‍यक्ति की ख्‍याति की अपहानि की जाए या यह जानते हुए या विश्‍वास करने का कारण रखते हुए लगाता या प्रकाशित कर्ता है ऐसे लांछन से ऐसे व्‍यक्ति की ख्‍याति की अपहानि होगी, अपवादित दशाओं के सिवाय उसके बारे में कहा जाता है कि वह उस व्‍यक्ति की मानहानि कर्ता है । 

किसी मृत व्‍यक्ति को कोई लांछन लगाना मानहानि की कोटि में आ सकेगा यदि वह लांछन उस व्‍यक्ति की ख्‍याति की, यदि वह जीवित होता, अपहानि कर्ता और उसके परिवार या अन्‍य निकट सम्‍बन्धियों की भावनाओं को उपहत करने के लिए आशयित हो । किसी कम्‍पनी या संगम या व्‍यक्तियों के समूह के सम्‍बन्‍ध में उसकी वैसी हैसियत में कोई लांछन मानहानि की कोटि में आ सकेगा । अनुकल्‍प के रूप में, या व्‍यंगोक्ति के रूप में अभिव्‍यक्‍त लांछन मान‍हानि की कोटि में आ सकेगा । कोई लांछन किसी व्‍यक्ति की ख्‍याति की अपहानि करने वाला नहीं कहा जाता जब तक कि वह लांछन दूसरों की दृष्टि में प्रत्‍यक्षत: या अप्रत्‍यक्षत: उस व्‍यक्ति के सदाचारिक या बौद्धिक स्‍वरूप को हेय न करे या उस व्‍यक्ति की जाति के या उसकी आजीविका के संबंध में उसके शील को हेय न करे या उस व्‍यक्ति की साख को नीचे न गिराए या यह विश्‍वास न कराए कि उस व्‍यक्ति का शरीर घृणोत्‍पादक दशा में है या ऐसी दशा में है जो साधारण रूप से निकृष्‍ट समझी जाती है । 

‘क’ यह विश्‍वास कराने के आशय से कि ‘य’ ने ‘ख’ की घड़ी अवश्‍य चुराई है, कहता है, ‘’य एक ईमारदार व्‍यक्ति है, उसने ‘ख’ की घड़ी कभी नहीं चुराई है’’ । जब तक कि यह अपवादों में से किसी के अन्‍तर्गत न आता हो यह मानहानि है। 

‘क’ से पूछा है कि ‘ख’ घड़ी किसने चुराई है । ‘क’ य‍ह विश्‍वास कराने के आशय से कि ‘य’ ने ख की घड़ी चुराई है, ‘य’ की ओर संकेत कर्ता है जब तक कि यह अपवादों में से किसी के अन्‍तर्गत न आता हो, यह मानहानि है । 

‘क’ यह विश्‍वास करने के आशय से कि ‘य’ ने ‘ख’ की घड़ी चुराई है, ‘य’ का एक चित्र खींचता है जिसमें वह ‘ख’ की घड़ी लेकर भाग रहा है । जब तक कि यह अपवादों में से किसी के अंगर्तग न आता हो यह मानहानि है । 

(Word Count - 406)

Typing Dictation No. :- 3 (40WPM)




लोक सेवक का स्‍वेच्‍छा राजकैदी या युद्धकैदी को निकल भागने देना – जो कोई लोक सेवक होते हुए और किसी राजकैदी या युद्धकैदी को अभिरक्षा में रखते हुए, स्‍वेच्‍छया ऐसे कैदी को किसी ऐसे स्‍थान से जिसमें ऐसा कैदी परिरूद्ध है, निकल भागने देगा, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अ‍वधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने से भी दंडनीय होगा । 

उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल भागना सहन करना – जो कोई लोक सेवक होते हुए और किसी राजकैदी या युद्धकैदी की अभिरक्षा में रखते हुए उपेक्षा से ऐसे कैदी का किसी ऐसे परिरोध स्‍थान से जिसमें ऐसा कैदी परिरूद्ध है, निकल भागना सहन करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अ‍वधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी, दंडनीय होगा । 

ऐसे कैदी के निकल भागने में सहायता देना, उसे छुड़ाना या संश्रय देना – जो कोई जानते हुए किसी राजकैदी या युद्धकैदी को विधिपूर्ण अभिरक्षा से निकल भागने में मदद या सहायता देगा, या किसी ऐसे कैदी को छुड़ाएगा, या छुड़ाने का प्रयत्‍न करेगा, या किसी ऐसे कैदी को, जो विधिपूर्ण अभिरक्षा से निकल भागा है, संश्रय देगा या छिपाएगा या ऐसे कैदी के फिर से पकड़े जाने का प्रतिरोध करेगा या करने का प्रयत्‍न करेगा, वह आजीवन करावास से, जिनकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने से भी दंडनीय होगा । 

स्‍पष्‍टीकरण – कोई राजकैदी या युद्धकैदी, जिसे अपने पैरोल पर भारत में कतिपय सीमाओं के भीतर, यथेच्‍छ विचरण की अनुज्ञा है, विधिपूर्ण अभिरक्षा से निकल भागा है, यह तब कहा जाता है, जब वह उन सीमाओं से परे चला जाता है, जिनके भीतर उसे यथेच्‍छ विचरण की अनुज्ञा है । 

विद्रोह का दुष्‍प्रेरण या किसी सैनिक, नौसेनिक या वायुसैनिक को कर्तव्‍य से विचलित करने का प्रयत्‍न करना – जो कोई भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी ऑफिसर, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा विद्रोह किए जाने का दुष्‍प्रेरण करेगा, या किसी ऐसे ऑफिसर, सैनिक या नौसैनिक या वायुसैनिक को उसकी राजनिष्‍ठा या उसके कर्तव्‍य से विचलित करने का प्रयत्‍न करेगा, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दं‍डनीय होगा । 

स्‍पष्‍टीकरण – इस धारा में ऑफिसर, सैनिक, नौसैनिक और वायुसैनिक शब्‍दो के अंतर्गत कोई भी व्‍यक्ति आता है, जो यथास्थिति, आर्मी एक्‍ट, सेना अधिनियम 1950, नेवल डिसिप्लिन एक्‍ट, इंडियन नेवी एक्‍ट 1934, एअर फोर्स एक्‍ट या वायुसेना अधिनियम, 1950 के अध्‍याधीन हो ।

Tuesday, 24 April 2018

Typing Dictation No :- 2 (40WPM)




राज्‍यद्रोह, जो कोई बोले गए या लिखे गए शब्‍दों द्वारा या संकेतों द्वारा, दृश्‍यरूपण द्वारा या अन्‍यथा भारत में विधि द्वारा स्‍थापित सरकार के प्रति घृणा या अवमान पैदा करेगा, या पैदा करने का, प्रयत्‍न करेगा या अप्रीति प्रदीप्‍त करेगा या प्रदीप्‍त करने का प्रयत्‍न करेगा, वह आजीवन कारावास से जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकेगा या तीन वर्ष तक के कारावास से, जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकेगा या जुर्माने से दंडित किया जाएगा । 

स्‍पष्‍टीकरण – ‘’अप्रीति’’ पद के अंतर्गत अभक्ति और शत्रुता की समस्‍त भावनाएं आती हैं । 

स्‍पष्‍टीकरण – घृणा, अवमान या अप्रीति को प्रदीप्‍त किए बिना या प्रदीप्‍त करने का प्रयत्‍न किए बिना, सरकार के कामों के प्रति विधिपूर्ण साधनों द्वारा उसको परिवर्तित कराने की दृष्टि से अननुमोदन प्रकट करने वाली टीका-टिप्‍पणियां इस धारा के अधीन अपराध नहीं हैं । 

स्‍पष्‍टीकरण – घृणा, अवमान या अप्रीति को प्रदीप्‍त किए बिना या प्रदीप्‍त करने का प्रयत्‍न किए बिना, सरकार की प्रशासन या या अन्‍य क्रिया के प्रति अनुमोदन प्रकट करने वाली टीका-टिप्‍पणियां इस धारा के अधीन गठित नहीं करती । 

भारत सरकार से मैत्री संबंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति के विरूद्ध युद्ध करना । जो कोई भारत सरकार से मैत्री का या शांति का संबंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति की सरकार के विरूद्ध युद्ध करेगा या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्‍न करेगा, या ऐसा युद्ध करने के लिए दुष्‍प्रेरण करेगा, वह आजीवन कारावास से, जिसमें जुमार्ना जोड़ा जा सकेगा या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिनका अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकेगा या जुर्माने से दंडित किया जाएगा । 

जो कोई भारत सरकार से मैत्री का या शांति का संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्‍यक्षेत्र में लूटपाट करेगा, या लूटपाट करने की तैयारी करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने से और ऐसी लूटपाट में लाई जाने के लिए आशयित, या ऐसी लूटपाट द्वारा अर्जित सम्‍पत्ति के समपहरण से भी दंडनीय होगा । 

धारा 125 और धारा 126 वर्णित युद्ध या लूटपाट द्वारा ली गई सम्‍पत्ति प्राप्‍त करना - जो कोई किसी सम्‍पत्ति को यह जानते हुए प्राप्‍त करेगा कि वह धारा 125 और धारा 126 में वर्णित अपराधों में से किसी के किए जाने में ली गई है वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने से और इस प्रकार प्राप्‍त की गई सम्‍पत्ति के समपहरण से भी दंडनीय होगा ।

(Word Count - 407)

Monday, 23 April 2018

Typing Dictation No :- 1 (40WPM)



जो कोई भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध करेगा, या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्‍न करेगा या ऐसा युद्ध करने का दुष्‍प्रेरण करेगा, वह मृत्‍यु या आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा । ‘क’ भारत सरकार के विरूद्ध विप्‍लन में सम्मिलित होता है । ‘क’ ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है । जो कोई धारा 121 द्वारा दंडनीय अपराधों में से कोई अपराध करने के लिए भारत के भीतर या बाहर षडयंत्र करेगा, या केंद्रीय सरकार को या किसी राज्‍य की सरकार को आपराधिक बल द्वारा या आपरा‍धिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करने का षडयंत्र करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा । इस धारा के अधीन षड्यंत्र गठित होने के लिए यह आवश्‍यक नहीं है कि उसके अनुसरण में कोई कार्य का अवैध लोप गठित हुआ हो। 

भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध करने के आशय से आयुध आदि संग्रह करना । जो कोई भारत सरकार के विरूद्ध या तो युद्ध करने, या युद्ध करने की तैयारी करने के आशय से, आयुध या गोलाबारूद संग्रह करेगा, या अन्‍यथा युद्ध करने की तैयारी करेगा, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अविध दस वर्ष से अधिक की नहीं होगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा । 

जो कोई भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध करने की परिकल्‍पना के अस्तित्‍वों को किसी कार्य द्वारा, या किसी अवैध लोप द्वारा, इस आशय से कि इस प्रकार छिपाने के द्वारा ऐसे युद्ध करने को सुकर बनाए, या यह संभाव्‍य जानते हुए कि इस प्रकार छिपाने के द्वारा ऐसे युद्ध करने को सुकर बनाएगा, छिपाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी, दंडनीय होगा। 

किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए वि‍वश करने के आशय से राष्‍ट्रपति, राज्‍यपाल आदि पर हमला करना । जो कोई भारत के राष्‍ट्र‍पति या किसी राज्‍य के राज्‍यपाल को ऐसे राष्‍ट्रपति या राज्‍यपाल की विधिपूर्ण शक्तियांं में से किसी शक्ति का किसी प्रकार प्रयोग करने के लिए उत्‍प्रेरित करने के आशय से, ऐसे राष्‍ट्र‍पति या राज्‍यपाल पर हमला करेगा, उसे आपर‍ाधिक बल द्वारा या आतंकित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी, दंडनीय होगा ।

(Word Count - 404)